Tuesday, January 13, 2009

इंतजार

मुद्दत से
साइकिल चला रहा हूं
घर-आंगन, राह-डगर
चल नहीं पाता
कष्ट होता है
तो
छड़ी का सहारा
लेना पड़ता है
किन्तु
साइकिल पर
जब बैठ जाता हूं
मनोबल बढ़ जाता है
सावधानी से उतरता हूं
पर कब तक
अभी अठासी चल रहा है
काया से जर्जर
झंखाड़
यह छ: फुट का आदमी
साइकिल चलाता रहेगा
तब तक / जब तक
एक दिन अंत नहीं होगा
इंतजार कीजिए
अभी आप के साथ
चल तो रहा हूं।

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