Showing posts with label कविता / कुछ करना है / सुखदेव नारायण. Show all posts
Showing posts with label कविता / कुछ करना है / सुखदेव नारायण. Show all posts

Saturday, December 27, 2008

कुछ करना है

दोस्तो!
हम पल दो पल के
साथी हैं
तो करना क्या है
कुछ सोचा है
कुछ विचारा है
कभी गौर किया है
अब तक
कितना खोया
कभी आंका है
वक्त
इंतजार नहीं करता
एकजुट होकर
अंजाम दें
जो करना है
बहुत हो चुका
कीचड़ न उछालें
घात न करें
इसी में
सब का भला है
सबके भला में
आपका भला है